Thursday, April 4, 2019




म्यूचुअल फंड क्या है
निवेशकों की एक बड़ी संख्या के द्वारा जमा पैसा राशी को म्यूचुअल फंड कहते हैं जिसे एक फण्ड में डाल दिया जाता है। फण्ड मेनेजर इस पैसे को विभिन्न वित्तीय साधनों में निवेश करने के लिए अपने निवेश प्रबंधन कौशल का उपयोग करता है.  म्यूचुअल फंड कई तरह से निवेश करता है जिससे उसका रिस्क और रिटर्न निर्धारित होता है. यहां समझिये म्यूचुअल फंड में डायरेक्ट प्लान क्या होते हैं।

यूनिट क्या है

जब बहुत से निवेशक मिल कर एक फण्ड में निवेश करते हैं तो फण्ड को बराबर बराबर हिस्सों में बाँट दिया जाता है जिसे इकाई या यूनिट Unit कहते हैं.
उदाहरण के लिये मान लीजिये कि कुछ दोस्त मिल कर एक जमीन का टुकडा खरीदना चाहते हैं। सौ वर्ग गज के जमीन के टुकडे की कीमत एक लाख रुपये है। अब यदि इस फंड को दस रु कि युनिट्स में बांटेंगे तो 10,000 यूनिट बनेंगे. निवेशक जितने चाहे उतने यूनिट अपनी निवेश क्षमता के अनुसार खरीद सकते हैं. यदि आपके पास केवल एक हज़ार रुपये निवेश के लिए हैं तो आप सौ यूनिट खरीद सकते हैं. उसी अनुपात में आप भी उस निवेश (जमीन के) मालिक हो गए.
अब मान लीजिये की इस एक लाख के निवेश की कीमत बढ़ कर एक महीने के बाद रुपये 1,20,000 हो गयी. अब इस निवेश के अनुसार यूनिट की कीमत निकाली जायेगी तो दस रुपये वाला यूनिट अब बारह रुपये का हो चुका है. जिस निवेशक ने एक हजार रुपये में सौ यूनिट खरीदे थे, बारह रुपये प्रति यूनिट के हिसाब से अब उसका निवेश (100X12) रुपये 1200 हो चुका है.
एक निवेशक के रूप में आप द्वारा निवेश की गई राशि पर आधारित है कि आप कितनी यूनिट्स के मालिक हैं। इसलिए, एक निवेशक भी एक यूनिट धारक के रूप में जाना जा सकता है। इसमें से अर्जित अन्य आय के साथ-साथ निवेश के मूल्य में वृद्धि को लागू व्यय, भार और करों को घटाने के बाद यूनिटों की संख्या के साथ अनुपात में निवेशकों / यूनिट धारकों को बांट दिया जाता है।


म्यूचुअल फंड के फ़ायदे

इससे आप देख सकते हैं की एक निवेशक जो कि बड़ा निवेश नहीं कर पाता, उस के पास छोटे छोटे यूनिट्स में निवेश करने की सुविधा है. यहां पढ़िये म्यूचुअल फंड्स कैसे खरीदें
इसके अलावा म्यूचुअल फंड का सबसे बड़ा फायदा यह है की एक निवेशक जिसे बाज़ार की अधिक जानकारी नहीं है वह अपना निवेश विशेषज्ञों के हाथ में छोड़ देता है. कहाँ, कैसे और कब निवेश करना है यह विशेषज्ञों निर्धारित करते हैं. फायदा जानने के साथ साथ म्यूचुअल फंड में निवेश में रिस्क कितना होता है यह भी जान लेना उचित है।

म्यूचुअल फंड से कहाँ करें निवेश

म्यूचुअल फंड कई तरीके से निवेश करते है. सबसे प्रमुख बांड तथा शेयर मार्केट्स हैं. इसके अलावा गोल्ड अथवा अन्य किसी माल (Commodities) में निवेश कर सकते है. फंड्स के कई प्रकार होते हैं जिन्हें उनके निवेश के अनुसार जाना जाता है. मुख्य हैं डेट फंड, इक्विटी फंड और बैलेंस्ड फण्ड। बैलेंस्ड फण्ड को हाइब्रिड फंडभी कहते हें।  सबसे अधिक विविधिता इक्विटी फंड्स में पायी जाती है. आगे चल कर हम इन सब के बारे में अलग अलग विस्तार से जानेंगे. साथ ही सीखेंगे की NAV क्या है और इसे कैसे गिना जाता है. टॉप म्यूचूअल फंड स्कीम निवेश करने के लिए कौन सी हैं यह भी जान लें।

क्यों है निवेशकों की पसंद

हाल ही के समय में म्यूचुअल फंड निवेश कर विकल्प के रूपमें बहुत तेज़ी से उभरा है और अधिक से अधिक लोग इसमें निवेश कर रहे हैं। इसका मुख्य कारण है कि म्यूचुअल फंड में निवेश करना आसान है और SIP के द्वारा म्यूचुअल फंड में निवेश करना अधिक से अधिक लोगों की पसंद बनता जा रहा है। जहाँ बंकों में ब्याज काम होता जा रहा है वहाँ निवेश करने के लिए म्यूचुअल फंड बहुत अच्छा विकल्प है। लम्बे समय तक निवेश किया जाए तो यह निवेश पर सबसे अधिक रिटर्न प्राप्त करने का ज़रिया बन सकता है।
यह था Mutual Fund working and benefits in Hindi जिसमें हमने समझा कि म्यूचुअल फंड क्या है, इसके फायदे और क्यों है यह निवेश के लिये सबकी पहली पसंद।

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